सरकार ने इस बार बकाया बिजली बिल वालों के लिए ऐसा तोहफ़ा दिया है जो सीधा जेब पर पड़ने वाला भारी बोझ कम कर देगा क्योंकि समाधान योजना 2025–26 में तीन महीने या उससे ज़्यादा समय से बिल न भरने वाले घरेलू गैर घरेलू कृषि और औद्योगिक उपभोक्ताओं को पूरा 100 प्रतिशत तक सरचार्ज माफ किया जाएगा जिससे लाखों परिवारों को बड़ी राहत मिलने वाली है यह स्कीम 3 नवंबर से शुरू होकर पूरे राज्य में लागू की गई है और सरकार का दावा है कि इससे लगभग 90 लाख उपभोक्ताओं को सीधा फायदा मिलेगा और जिन लोगों के बिल समय पर न भर पाने से बढ़ते-बढ़ते सरचार्ज हजारों में पहुँच गए थे उनकी जेब का भार काफी हद तक हल्का किया जाएगा।
सरकार की बड़ी घोषणा
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने इस योजना का शुभारंभ करते हुए साफ कहा कि यह स्कीम सिर्फ देरी से बिल भरने वालों के लिए नहीं बल्कि उन किसानों के लिए भी वरदान बनने वाली है जिन्हें सिंचाई के लिए लगातार बिजली की जरूरत होती है और सरकार 10 घंटे निर्बाध बिजली देने के संकल्प के साथ इस योजना को आगे बढ़ा रही है क्योंकि समाधान योजना के जरिए सरकार तीन हजार करोड़ रुपये से ज्यादा के सरचार्ज को माफ कर रही है और पहले चरण में जिन उपभोक्ताओं पर तीन महीने से ज्यादा का सरचार्ज था उन्हें पूरा 100 प्रतिशत छूट मिलेगी जिससे राज्य के हजारों गाँव और शहर के परिवार तुरंत फायदा उठा सकेंगे।
दो चरणों में मिलेगा फायदा
यह योजना दो चरणों में लागू होगी जिसमें पहला चरण 3 नवंबर से 31 दिसंबर 2025 तक चलेगा और इसमें 60 से 100 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी वहीं दूसरा चरण 1 जनवरी से 28 फरवरी 2026 तक लागू होगा और इसमें 50 से 90 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी इसलिए जो उपभोक्ता जल्दी पंजीयन कराकर एकमुश्त भुगतान कर देंगे उन्हें सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा और देरी करने वाले उपभोक्ताओं को कम प्रतिशत की छूट मिलेगी यानी ज्यादा फायदा पाने के लिए जल्दी रजिस्ट्रेशन करना ही सबसे बेहतर विकल्प है क्योंकि देर करने पर छूट अपने आप कम होती जाएगी और सरचार्ज का बोझ फिर बढ़ने लगेगा।
किसानों के लिए खास लाभ
कृषि उपभोक्ताओं यानी किसानों को इस योजना में सबसे ज्यादा राहत दी गई है क्योंकि अगर वे पहले चरण में एकमुश्त भुगतान करते हैं तो उन्हें पूरा 100 प्रतिशत सरचार्ज माफ मिलेगा और दूसरे चरण में भुगतान करने पर भी 90 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी वहीं यदि किसान किश्तों में बिल चुकाना चाहते हैं तो पहले चरण में 70 प्रतिशत और दूसरे चरण में 60 प्रतिशत तक की छूट मिलेगी जिससे उन किसानों को भी राहत मिलेगी जो एकमुश्त राशि नहीं चुका पाते और किस्तों में बिल भरना चाहते हैं इसलिए यह योजना किसानों के लिए काफी फायदेमंद है क्योंकि बिजली बिल का बोझ सीधे कम हो जाएगा और सिंचाई के खर्चों में भी राहत मिलेगी।
पंजीकरण और जरूरी नियम
योजना का लाभ उठाने के लिए उपभोक्ताओं को अपने क्षेत्र की बिजली वितरण कंपनी की ऑफिशियल वेबसाइट पर पंजीकरण करना होगा जैसे mpwz.co.in mpez.co.in या portal.mpcz.in और रजिस्ट्रेशन के समय घरेलू और कृषि उपभोक्ताओं को कुल बकाया राशि का 10 प्रतिशत जमा करना होगा जबकि गैर घरेलू और औद्योगिक उपभोक्ताओं को 25 प्रतिशत राशि जमा करनी होगी इसके बाद उपभोक्ता एकमुश्त भुगतान या किश्तों में भुगतान का विकल्प चुन सकते हैं लेकिन ध्यान रहे कि यदि कोई उपभोक्ता किश्तों का भुगतान समय पर नहीं करता है तो उसे डिफॉल्टर माना जाएगा और योजना का लाभ तुरंत बंद कर दिया जाएगा इसलिए जो भी इस योजना का फायदा लेना चाहते हैं उन्हें रजिस्ट्रेशन से लेकर भुगतान तक सब कुछ समय पर करना होगा क्योंकि सरकार की यह राहत योजना सीमित समय के लिए है और समय रहते इसका लाभ लेना ही सबसे ज्यादा फायदेमंद रहेगा।